हँसना मत भूलिये…. ;-)

the ETERNAL tryst

il Credit: Google se uthaya

हँसना मत भूलिये…. 😉

ख़त उछाला मैंने तेरे छत पर,
तेरे पिता के हाथ आयी
भरी दोपहरी में मानों
हो मेरी सामत आयी

टशन में था तेरे छत के नीचे
दोस्त मेरा बुलेट पर ड्राइवर था
बन्दुक लेकर निकला तेरा बापू
मानों आर्मी का स्नाइपर था

बन्दुक देख मैंने झट से बोला,
अबे भाग, जल्दी से बुलेट दौड़ा
नहीं तो कोई और बुलेट चल जाएगी
काला चश्मा लेदर का जैकेट
सारी टशन मिट्टी में मिल जाएगी

हद तो तब हो गयी
बुलेट जब दगा दे गयी
उसने किक लगाया , सेल्फ लगायी
फिर भी वह स्टार्ट न हो पायी

दोस्त को बोला
अबे भाग, 100 मीटर वाली दौड़ लगा
गाड़ी छोड़, पहले
अब अपनी अपनी जान बचा

दोस्त मेरा वजनदार था
भागने में बिलकुल लाचार था
मैं दौड़ता गया
हाय! वो पकड़ा गया

मैंने सोचा अभी दौड़ते ही जाना है
कुछ भी हो अभी तेरे बापू…

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13 thoughts on “हँसना मत भूलिये…. ;-)

    1. ☺️☺️
      Hi Kirti, it’s just a re-blog, so the rest of the content is missing. If you view the original post by clicking on bottom section of current blog, a whole new story will unfold. Do read that and let me know that you enjoyed it or not.

      Like

    1. मैंने वह Movie नहीं देखी, बस थोड़ा improvise करना चाहता था लेखनी में। खुशी हुई कि आपको पसंद आया। 😀

      Liked by 1 person

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