दूसरी तरफ से …(कविता )

दूसरी तरफ से…….

दिल में बोझ लिए मैं
भटका इधर उधर
सोचा, कोई तो मिलेगा,
पुछेगा,
क्या हाल है मेरा
हूँ क्यों जर्जर पतझर सा
किस अवसाद ने घेरा
बंटेगा दर्द दिल का तो
मन, सुकून पायेगा
इस अनजान सी नगरी में
कौन जाने,
कोई अपना मिल जायेगा

बीते बरसों
कोई मिला न मुझको
पर मिली एक सच्चाई थी
हर किसी के दिल के अंदर
दर्द भरी इक खायी थी
फिर वो क्या किसी कि मदद करते
जो थे अकेले में आहें भरते

तो मैंने सोचा कि
चलो एक काम करते हैं
उनके ही दर्द बांटकर
कुछ अपने नाम करते हैं
यूँ ही चलता रहा फ़साना
कटते रहे दिन
भूल गया मैं कि
अपना कष्ट क्या था
उनके दर्द बाँटने का
अपना ही मज़ा था

……..अभय……

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34 thoughts on “दूसरी तरफ से …(कविता )

  1. wah mubarak ho bahoot acchi kavita

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  2. दर्द बाँटने का हुनर
    बहुत सुंदर

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    1. धन्यवाद यशवंत जी 🙂

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  3. बहुत ही अच्छा लिखा है आपने अभय जी। ये बात 100%सही है यदि दूसरे का दर्द बांटे तो अपना दर्द भूल जाता है।

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    1. शुक्रिया रजनी जी 🙂

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  4. क्या खूब लिखा है/——दर्द में सभी हैं चलो दर्द से दर्द मिलाते हैं, कुछ तुम कहो कुछ हम फिर—–मिलकर मुश्कुराते े हैं।—–/

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    1. मधुसूदन जी आपके सतत प्रोत्साहन के लिए शुक्रिया 🙏

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      1. धन्यवाद आप सभी की कविता को पढ़ कर आगे की प्रेरणा मिलती है—-बहुत ही बड़ी बात परन्तु ऐसे लिखे की कब अंतिम लाइन में आगये पता ना चला——काश अभी और पढ़ते—–

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        1. अरे ये बहुत बड़ी बात कह दी आपने, आभार आपका 🙂

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  5. ,बीते बरसों
    कोई मिला न मुझको
    पर मिली एक सच्चाई थी
    हर किसी के दिल के अंदर
    दर्द भरी इक खायी थी Wow!! bahut khub 😊😊

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    1. 🙂 Shukriya Shukriya 🙂

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  6. बेहतरीन….
    अभय सर👏👏👏

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    1. शुक्रिया मुकांशु भाई, वैसे सर की उपाधि अंग्रेजों को लौटा दिया है ☺️

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      1. अंग्रेज हमारा इतना कुछ ले गए और जो दिया उसे भी लौटा दिया ???
        कोई नी भाई जी इसे आदर स्परूप स्वीकार कर लीजिए।😊😊

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        1. हा हा, शुक्रिया आपके स्नेह के लिए 🙏

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  7. बहुत नेक विचार.

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    1. शुक्रिया रेखा जी ☺️

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  8. I must say you have an equal command over both languages..That is amazing Abhay..And yeah sharing is caring and it also makes our trouble seem lighter and lesser..

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    1. I had my schooling in Hindi, during Graduation I had a troubled time with English. Put some effort there. Now I am some what making sense in English.☺️ हिन्दी तो स्वाभाविक है!

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  9. Sharing somebody’s pain and grief can help one overcome his own pain. This is so beautifully portrayed in your poem Abhay. Very well written!

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  10. उनके दर्द बाँटने का
    अपना ही मज़ा था

    बहुत शानदार😊👍👍👍

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    1. शुक्रिया अजय जी 🙏

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  11. Wow👏👏👏Bohot khub👏👍I really liked the way you ended the poem, gives a meaningful end❤… Amazing😇👍

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    1. Here comes Shivee
      with her kind words to me☺️
      Thank you ☺️

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      1. HahaHA👍This was so sweet😳😂😇Most welcome❤

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  12. बेहतरीन पंक्तियाँ है👌

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    1. शुक्रिया रेखा जी ☺️

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  13. वाह…
    क्या दर्द पी गए…
    अच्छी कविता लिखी है…

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    1. एक सोच है अमित जी, शुक्रिया ☺️

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