Moderation

Moderation  Inability to see is not always  the result of darkness, some time high intensity effulgent light can also make us blind. @Abhay  

China’s Belt and Road Initiative

Hello Doston!! Today's article is concerned with a Geo-Political topic  which is currently a buzz in world of diplomacy. Its a bit lengthy as compared  to my general write ups, but the gravity of the subject prompted me to write long. Hope you would enjoy reading. In past quarter century, if one thing which has... Continue Reading →

मधुराष्टकम्/ Madhurashtkam

नमस्ते मित्रों ! गीत या काव्य अभिव्यक्ति की वह विधा है जिसमें लेखक या कवि विषय भाव के सागर में डूब कर अमूल्य मोती बाहर ले आता है! जो चीजें दिखती हैं, उसके बारे में लिखना आसान होता है, परन्तु मैं यह सोचने पर विवश हो जाता हूँ कि कोई व्यक्ति भगवान कि विषय में... Continue Reading →

गहरी जड़ें

कोई तूफान था आया यहाँ कई पेड़ यहाँ का उखड़ा है जिन पेड़ों की जड़ें थी गहरी वह अब भी  तनकर खड़ा है

Kasturi Tilkam

Recently I came across a very beautiful Bhajan on Lord Krishna on YouTube. It is in Sanskrit and Pandit Jasraj Ji has given his melodious voice to it.  Although, I knew this Bhajan even before listening it on YouTube, but I knew it as in the form a Verse/Slokas. In this verse the physical appearance... Continue Reading →

इस कविता के "मैं" को, आप खुद से भी बदल कर देख सकते हैं . मुझ तक पहुँचाना न भूलिए कि  कैसी लगी. मैं जैसा हूँ, मुझे वैसे देखो  अपने-अपने चश्मे हटाओ , पूर्वाग्रह को दूर बिठाओ , फिर अपने स्वार्थ को तुम फेंको मैं जैसा हूँ मुझे वैसे देखो !!!   कोई समझता मित्र मुझे,... Continue Reading →

ओ माँ ..

समयाभाववश कविता को उतना लयबद्ध नहीं कर पाया, जितनी मेरी अपेक्षा थी. पर भावनाएं हर क्षण लय में ही हो, यह आवश्यक नहीं. सो मैं इस कविता को यथारूप प्रेषित कर रहा हूँ, पहुँचाना मत भूलिए कि कैसी लगी.. ओ माँ .. बिन अपराध किये भी जग के कई आरोप सह जाता हूँ एक माँ की... Continue Reading →

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