अंतिम न्याय

Symbolic
Image Credit: Google 

अंतिम न्याय

ये जहाँ है आपका
मुझपर आरोप भी आपके
है न्यायलय भी आप ही का
और न्यायाधीश भी आप ही के

न कोई गवाह है संग मेरे
और न कोई सबूत बचा है
मेरी दलीलें को रखने को
न कोई वकील रज़ा है

सुना है कोई अदालत है
इन सब अदालतों से ऊपर
और कहीं निष्पक्ष भी
अंतिम हाज़िरी सबको वहीं लगानी है

मेरा कर्म ही बनेगा मेरी गवाही
और मेरा सबूत भी
वहाँ फरेब की न कोई गुंजाइश बचेगी
शायद, अंतिम न्याय मुझे वहीं मिलेगी

 

……….अभय………

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24 thoughts on “अंतिम न्याय

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  1. बहुत ही सही और मन को छू लेने वाला पोस्ट है। इस पर आपको एक भोजपुरी भजन कमेंट करती हूं जो पोस्ट से रिलेटेड है
    नाहीं जा हाई कोर्ट ना सुप्रीम कोर्ट चल माई के अदालत में दूध के दूध होई पानी के पानी चल माई के अदालत में। माईए सबूत माईए गवाह माईए वकील माईए न्यायाधीश।

    Liked by 1 person

      1. जी पढाई के चलते इस ओर आना कम ही होता है…
        पर जब भी आता हूं आप से मुलाकात जरूर करता हूँ ।

        Liked by 1 person

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