Caption it..

Hello Everyone!

I clicked this pic two days ago. Later when I was revisiting it, multiple thought came to me. Such as value of Unproductive Tree, Helpless Old Age etc.

You let me know what came to your mind when you see it for the first time.

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39 thoughts on “Caption it..”

  1. एक पेड़
    जबतक जिंदा रहा प्रकृति को वो
    सबकुछ दिया
    जिसके लिए वह आया था,
    हमें छाया,फल देने के साथ साथ
    अडिग रहने की प्रेरणा दी,
    और जब कुछ भी देने में सक्षम नहीं,
    जब उसके तने रूपी शरीर मे प्राण नही
    तब भी हमारे लिए अपने तने को छोड़ गया।
    सबको इसी के तरह
    एक दिन जहाँ छोड़ जाना है,
    पेड़ तो मरने के बाद भी दुनियाँ को
    कुछ देकर गया,
    हमें तो जिंदा भर में ही कुछ ऐसा करने का
    सन्देश दे गया ताकि लोग,
    मरने के बाद भी याद रख सकें
    वरना
    ये तो मिटकर भी जिंदा है
    हम तो दफना दिए जाएंगे या
    राख बना जल में बहा दिए जाएंगे।

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    1. वाह भाई, पेड़ के परमार्थी जीवन का चित्रण कम शब्दों में बहुत अच्छे से किया है. रचनात्मकता तो इसी को कहते हैं।

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    1. Thank you Sir for your response. I was just wondering from the perspective of the Old Man in the picture. His one feet is in the air and moving away from the tree. What might be going through his mind after seeing the cutting of an Old tree. Wasn’t he forced to correlate with his old age?

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  2. अभय, एक साधारण सी दिखने वाली तस्वीर में छिपे गूढ़ अर्थ को समझने और सबके सामने लाने का आपका प्रयास बेहद सराहनीय है।
    दो अलग पीढ़ियों के लोग अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए बेहतर व्यवस्था करने में लगे हुए है। तस्वीर में स्पष्ट है कि एक तरफ बरसात में नए पौधे लगाने की प्रक्रिया चल रही है और दूसरी तरफ पुराने और सूखे पेड़ हटाए जा रहे हैं। पुराने जायेंगे तभी नए आएंगे।
    यही प्रकृति का नियम है और यही विकास का भी नियम है। जो आया है उसे जाना ही होगा ताकि नए लोगों को भी आने का मौका मिले और वे दुनिया को और बेहतर बना सके।
    स्व. वाजपेयी जी के शब्दों में इसकी अच्छी व्याख्या है-
    मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूं,
    लौट कर आऊंगा, कूच से क्यों डरूँ।

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    1. शुक्रिया दिव्या जी आपकी प्रतिक्रिया के लिए. अपने बहुत ही सटीक शब्दों में सरांश लिख डाला

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