Mumbai Rains..

ये जो तुम जो हर पल नखरे दिखाती हो
आती हो, जाती हो फिर मुझपे छाती हो
मैं तैयार नहीं रहता, हरपल चौंकाती हो
मैं सूखता भी नहीं फिर भींगो जाती हो
लोगों की टोली पे तुम जो कहर बरपाती हो
ये जो लम्बी लम्बी ट्रैफिक जाम लगाती हो
वीकेंड की हर बार, ऐसी की तैसी कर जाती हो
फिर भी तुम मुझको रास आती हो, बरसते रहो

………अभय………

कौन चलकर आएगा..

नदी के इस पार खड़ी वो
ये खुद को, उस पार खड़ा पाता है
न तो वो कोई पुल बनाती है
न ये ही कोई नाव लेकरआता है

सावन अपनी सीमा लांघे
नदियां उफ़ान पर हो चली है
पहले से ही जो दूर खड़े थे
दरमियान उनके और दूरी बढ़ी है ,

देखना है ग्रीष्म जब आएगा
तब, सरिता सूख ही जायेगी
पहला कदम बढ़ेगा किसका
कौन चलकर आएगा

…….अभय ……

#MyTribute: MS Dhoni

छोटे शहर का छोरा
संसाधनों से भी थोड़ा
न सर पर किसी का हाथ
वह खुद ही अपने साथ

अनजान सफर, अनजान डगर
अनजान गली, अनजान नगर
चुनौतियों के सागर में कई उठते लहर
निश्चित लक्ष्य था सम्मुख मगर

सौम्य स्वभाव, है शांत चित्त
बाधाओं में न कभी विचलित
पाताल की गहराई झांकी उसने
नभ की ऊंचाई नापी उसने

रेल के झंडे को लहराता था
अब तिरंगा फहराता है
निराश हो चुके जीवन में भी
वह संघर्ष के दीप जलाता है

स्वप्न देखना न छोड़ो
वह इसी धुन में गा रहा है
देखो भाई देखो फिर से
माही मार रहा है

……अभय…..