नाव में छेद / Hole in the boat

At many occasions, I have experienced and also heard from different people that they are willing to move forward, yet they find it difficult in doing so due to some past failure, some memories which remains only in imagination, some unpleasant happenings in their life etc etc. These impediments just work as a drag in …

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मैं जैसा हूँ, मुझे वैसे देखो

इस कविता के "मैं" को, आप खुद से भी बदल कर देख सकते हैं . मुझ तक पहुँचाना न भूलिए कि  कैसी लगी. मैं जैसा हूँ, मुझे वैसे देखो  अपने-अपने चश्मे हटाओ , पूर्वाग्रह को दूर बिठाओ , फिर अपने स्वार्थ को तुम फेंको मैं जैसा हूँ मुझे वैसे देखो !!!   कोई समझता मित्र मुझे, …

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घोसला ..

आज मन थोड़ा उदास है. सामान्य दृष्टि से देखें तो इसका कारण कोई विशेष और व्यापक नहीं है. हुआ यूँ कि घर में निर्णय लिया गया कि घर का विस्तार किया जायेगा, ऊंचाई बढ़ाई जाएगी . इसकी आवश्यकता भी महसूस हो रही थी, सिर्फ इसलिए नहीं कि हमारा परिवार संयुक्त है पर इससे बड़ा कारण कि …

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मैं और मेरी नाव

शुक्रवार की रात से अगर कुछ अच्छा हो सकता है तो वो है शनिवार का दिन, psychologically थोड़ा सुकून रहता है कि चलो एक और दिन तो बचे हैं छुट्टी के. आज सवेरे बाइक लेकर मॉर्निंग वॉक पर निकला :-P. जैसा कि मैंने पहले भी शायद किसी लेख में लिखा है कि मुझे नदी किनारे …

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अपनी राह ..

  अपनी राह..   राहों को अपनी, मैं खुद ढूंढ लूंगा बन पथप्रदर्शक तुम, मुझे न उलझाओ|| मेरे उम्मीदों को अब, पर जो लगें है अपनी आसक्तियों की, न जाल बिछाओ|| कष्टों का पहाड़ सीधे सिर पर सहा है राह के रोड़ों से तुम, मुझे न डराओ|| सच है जो कड़वा, मैंने खुद चख लिया …

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