अंतिम न्याय

अंतिम न्याय ये जहाँ है आपका मुझपर आरोप भी आपके है न्यायलय भी आप ही का और न्यायाधीश भी आप ही के न कोई गवाह है संग मेरे और न कोई सबूत बचा है मेरी दलीलें को रखने को न कोई वकील रज़ा है सुना है कोई अदालत है इन सब अदालतों से ऊपर और कहीं... Continue Reading →

जीवन मतलब चुनाव

राखी की छुट्टी तो मिली नहीं, पर वीकेंड था और फिर एक दिन के लिए आप अस्वस्थ तो हो ही सकते हैं 😁. तो फिर मैं बिना समय व्यर्थ किये अपने बहन के घर राखी के एक दिन पहले पहुँच गया. बहन ने पूछा कि कल खाने में क्या बनाऊं..मैंने झट से बोला.. और क्या... Continue Reading →

Nature as Teacher

Shubh Prabhatam!!! I am sharing a photograph with you, that I have taken few days back, and you all have to do is to guess what exactly it is? Is it a field? Which crop is grown by the farmers in this field? If not, what is it? Take your time, don't go bottom part,... Continue Reading →

Floating

Don't lament, just because you are bereft of a boat to sail over the river, there are hell lot of other objects which have the tendency to  float over the ocean.   ~Abhay

Traitor and Loyalist

  कुछ विश्वसनीय लोगों के बल पे हारी बाजी भी जीती जा सकती है और एक विश्वासघाती के कारण जीती बाजी भी मिट्टी में मिल जाती है                                                        ... Continue Reading →

Propagate the Good

I recently observed a phenomenon that people like to propagate the ideology which they are professing, practicing and have allegiance to it. From Capitalism to Socialism, from Autocracy to Democracy, from Secularism to Communalism, from Barbarism/Terrorism to Humanism, from Atheist to Theist and from Lover to Hater, one desire is common in all these groups... Continue Reading →

जीत-हार

जीत-हार हार के कगार पे बैठे जो मन हार के आगे कुछ दिखता नहीं अश्रु धार थमता  नहीं शत्रु जो सब कुछ लूट गया स्वजनों का संग भी छूट गया ह्रदय वेदना से भरी हुई जो खुद की बोझ भी सहती नहीं वो याद रहे हरदम ज़िंदा हो अभी , मरे न तुम वह कल... Continue Reading →

सहानुभूति नहीं चाहिए

दुनियाँ विविधताओं (diversity) से भरा पड़ा है. लोगों के कई प्रकार मिल जायेंगे. पर मैं आज एक विशेष जमात के बारे में कुछ पंक्तियाँ लिखीं हैं, जो सर्वव्यापी (ubiquitous) होते हैं . वो हैं सांत्वना या सहानुभूति (Sympathy or condolence) देने वाले लोग. मैं यह नहीं कह रहा कि सहानुभूति देना गलत बात है, ना... Continue Reading →

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