बस तेरा इंतज़ार है..

धम से गिरे धरनी पर शिखर से, ज़ख्म गहरा हुआ चोट हरा हुआ पर गिरने का यह पहला वाक़या तो न था कई पहले भी लुढ़के गिरे गर्त में वर्षों तक सिसकते रहे मरणासन्न रहे संवेदनहीन रहे निर्जीव सा गौण रहे व्योम सा मौन रहे पर लड़ते रहे जूझते रहे झुलसते रहे आपदाओं में विपदाओं …

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द्वंद्व

धूप शीतल छाँव तप्त जिसे वर मिला था वही अभिशप्त जो दृढ खड़ा था संदेह में है अकर्मण्यता से नेह में है जो पथप्रदर्शक था पथभ्रष्ट है वो शिथिलता से आकृष्ट है जो नित्य स्वरूप का उसे कोई तो स्मरण कराये इस हनुमान को कोई जामवंत तक ले जाये .........अभय ........

साहस ..

दो परिस्थितयां हैं …एकदम सीधी सी, सुलझी हुई …पहला, जो साहसी होते हैं वो साहस से भरा कार्य करते हैं और  दूसरा, साहसिक कार्य करने से ही लोग साहसी कहलाते हैं ..तो हम किसी भी परिस्थिति में क्यों न हों, साहसी बनने का बराबर मौका है...

Pass it on..

A good leader is one, who doesn’t always leads from the front, but when the time demands he is ready to operate from the back as well. Those leaders, who are insecure about their position never wants to relinquish his frontal space, as they always have a doubt in back of their mind that if …

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The Cost of Sunday

Today, it’s neither 15th of August nor 26th of January. Yesterday, India also hasn’t registered any spectacular victory in a Cricket match over its arch rival, western neighbor. More than one year has been passed, when Indian Armed Force conducted a Surgical Strike in terrorists’ safe heaven. Can I discuss something patriotic today? Good Morning …

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