Leafless, not useless!

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तुम

तुम

उलझती जुल्फें

सरकती पलकें

चमकती आँखे

दमकता चेहरा

उस पर पहरा!

खनकती चूड़ी

सरकता आँचल

लटकती बाली

खनकता पायल

कितने घायल!

चहकती बोली

मचलती चाल

माधुरी मुस्कान

महकता तन

कितनो का बहकता मन !

गरजते बादल

बरसते पानी

कुहू की शोर

नाचते मोर

ज्यों देखे तेरी ओर !

विचलित मन

मौन हरदम

दिल में बर्फ जमी

आँखों में “नमी”

तेरी कमी

……..अभय……