अहेतु की कृपा ..

हैरान हूँ!
तेरी सृष्टि से अनजान हूँ
पहेलियों से परेशान हूँ
दर दर भटकता हूँ
छोटे से प्रश्नों पर भी अटकता हूँ
तुम्हें हर जगह ढूँढता हूँ
आँखे भी मूँदता हूँ
पर तुम हो कि तुम्हारा कोई
पद चिन्ह नहीं दिखता
मन से मेरे संशय का
बादल भी नहीं छटता
शास्त्रों को सुना
तत्वदर्शियों से मिला
तुम से मिलने का मार्ग भी जाना
अफ़सोस है कि मैंने अब तक
खुद को न पहचाना
मार्ग मिलन का तुमसे
दुर्गम है, कठिन है
पर हम तो सामर्थ्यविहीन हैं
अहेतु की कृपा का मैं हूँ प्रार्थी
कब कृपा होगी मुझपर भी, हे पार्थ के सारथी !!!

…….अभय ………

शब्द सहयोग:

अहेतु की कृपा : Causeless Mercy
तत्वदर्शियों: Those who know the ultimate reality
सामर्थ्यविहीन : Without having any capacity
पहेलियों : Enigma
संशय: Doubt

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स्मरण

स्मरण

आशंकाओं से घिरे पहर में ,

   दुविधाओं के बीच भंवर में,

     दर्द भरी आहों में,

      या सूनी राहों में

         मरुभूमि के टीलों में

           नेत्र बनी जो झीलों में

             या बंजर मैदानों में

             सूखे खेत खलिहानो में

                स्वजनित विपदाओं में

                 या प्राकृतिक आपदाओं में

जब जब हम खुद को

   हारा हुआ पाते हैं

     नेत्र स्वतः बंद हो जाते हैं

       वंदन को हाथ जुड़ जाता है

         कभी अहम् से था जो मस्तक ऊँचा

          वह  भी झुक जाता है

            दुःख की घड़ी में तो अनायास ही

              ध्यान प्रभु का आता है

                पर सुख के पहर में स्मरण ईश्वर को

                     शायद ही कोई कर पाता है

                                                                                 ~अभय

अनन्त नामों में से कुछ..

krishna
Credit: ISKCON

सनातन धर्म में चार युग बताये गए हैं. सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग और कलयुग. अलग-अलग युगों में ईश्वर प्राप्ति की अलग अलग विधियों का वर्णन है. सतयुग में ध्यान, त्रेता में यज्ञ, द्वापर में अरचा विग्रह(मूर्ति पूजा) और इस कलयुग में यदि भव सागर को पार करना है, तो भगवान का नाम ही एक मात्र उपाय है.

भगवान के अनन्त नाम हैं, और हर नाम का कोई अर्थ. मैं उन नामों को देख रहा था और सोचा कि क्यों न इनको एक स्वर दिया जाये. पढ़िए और भगवान का स्मरण कीजिये.

अनन्त नामों में से कुछ…

केशव माधव मदन मुरारी
दयानिधि द्वारकाधीश बिहारी

यशोदानंदन मदनमोहन
देवकीनंदन घनश्याम

मुरलीधर श्याम मनोहर
मधुसूदन बलराम

विश्वरूप वासुदेव विश्वनाथ
जगद्गुरु जयन्ताह श्रीजगन्नाथ

लक्ष्मीकांत कंजलोचन
कमलनयन श्रीराम

अचल अजन्मा आदिदेव
पद्महस्ता परमपुरुष हिरण्यगर्भ

कृष्ण कन्हैया गोवर्धनधारी
मधुसूदन हरी मुरलीधारी

 

……….अभय………..