विश्वास..

सपने, अपने जो ध्वस्त हुए
उन मलबों को मैं उठाता हूँ
खंडहरों में अंधियारा है फैला
मैं उसमें दीप जलाता हूँ
विध्वंस हुआ, बस नींव बची है
मैं फिर से श्रृजन कर जाता हूँ

अभय

फर्क किसी को पड़ता है

नयनों पर कोई बाँध नहीं
जलमग्न सदा ही रहता है
सुबह शाम में,शाम रात में
चुपके से जा मिलता हैं
सभी व्यस्त हैं,
जीवन में मस्त हैं
गैरों की उलझनों से
कहाँ कोई फर्क किसी को पड़ता है!

…..अभय…..

Force of Love ..

Not the gravitational pull nor even the strong nuclear force, but for human, having deep emotions, LOVE is the strongest force in the Universe, yet if it is misdirected, it can make them feel one of the feeblest and most miserable creature of the creation.

Ab…

P.S. The ardent follower of fundamental science, please forgive me for my dare that I challenged all established scientific evidences and came up with new set of theory 😀

#MyTribute: MS Dhoni

Last year I have written something as a tribute to him! This year I couldn’t write anything because I am not in a state of mind to compose anythig. Wishing MSD a happy birthday!

the ETERNAL tryst

छोटे शहर का छोरा
संसाधनों से भी थोड़ा
न सर पर किसी का हाथ
वह खुद ही अपने साथ

अनजान सफर, अनजान डगर
अनजान गली, अनजान नगर
चुनौतियों के सागर में कई उठते लहर
निश्चित लक्ष्य था सम्मुख मगर

सौम्य स्वभाव, है शांत चित्त
बाधाओं में न कभी विचलित
पाताल की गहराई झांकी उसने
नभ की ऊंचाई नापी उसने

रेल के झंडे को लहराता था
अब तिरंगा फहराता है
निराश हो चुके जीवन में भी
वह संघर्ष के दीप जलाता है

स्वप्न देखना न छोड़ो
वह इसी धुन में गा रहा है
देखो भाई देखो फिर से
माही मार रहा है

……अभय…..

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