Nature and Inspiration

So once again this weekend I took refuge in nature. Traveled in the not so dense region of the forest of Vindhyachal Range. The area where I ventured is also the home of the National Animal of India. I gave proper respect to them and walked only in the fringes. 😉 The click which I shared seems to be of a rivulet which is now dried up, yet it look stunning. I sat down there for sometime and soaked myself in nature. Fe lines came up. Sharing with you all. Let me know your views on it

प्रकृति और प्रेरणा

जब सफलताओं ने मुझसे मुख फेरा
विफलताओं ने मुझको घेरा
पहुँचा प्रकृति की शरण में
अगणित आशायें लिए जीवन में
कि कोई मार्गदर्शक मिलेगा
कि कोई पथप्रदर्शक दिखेगा
सहस्त्रों संदेह जो उठे हैं मन में
वो क्षीण होंगें उनकी चरण में
फिर आ पहुँचा मैं गहन वन में
पर दृश्य देख मैं हुआ और दुःखी
बहती थी सरिता,अब मुरझाई सी और सूखी
सुना था प्रकृति नहीं कभी रूकती है
हर क्षण चलती, न कभी थकती है
पर यहाँ सब जम सा गया है
जीवन मानो थम सा गया है
ग्रीष्म के प्रभाव से मानो
सरिता ने समर्पण किया है
मन में निराशा के बादल मंडराए
तभी वास्तविक मेघ गरज आये
कहीं पर जैसे वज्रपात हुआ
कहीं वृष्टि मूसलाधार हुआ
मैंने किसी वृक्ष की ओट लिया
और अद्धभुत दृश्य को समेट लिया
सरिता जो मृतपराय दिखती थी
फिर से उसने नव जीवन पायी
छोटी छोटी धारायें उसमे से
कल कल कर बह आयी
तब मैं समझा, तब मैं जाना
कुछ भी नहीं थमता है
कुछ भी नहीं रुकता है
बस काल के प्रभाव में हमे
बस ये लगता है, ऐसा दिखता है

……अभय ……


57 thoughts on “Nature and Inspiration”

  1. बहुत ही खूबसूरत सोच से भरी कविता। सच बहुत कुछ हमें जो दिखता है होता नहीं।
    बस काल के प्रभाव में हमे
    बस ये लगता है, ऐसा दिखता है
    कुछ भी नहीं थमता है
    कुछ भी नहीं रुकता है।👌👌👌

    Liked by 3 people

  2. Brother your composition brought a smile to my face for it is always a pleasure to meet someone sharing your love for poetry and highlighting concerns as they are. You have a unique rawness in your writing. Never let it get altered. Keep going strong 🙂 .

    Liked by 7 people

    1. Thanks so much mate for your kind gesture of reading and then appreciating my writings!
      This poetry was just ab imagination which I drawn from nature. To tell you the truth most of the poems I write is inspired from nature.
      I just try to link it with life!

      Liked by 1 person

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